My poems

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Friday, August 19, 2011

Life a strange riddle

 Life is indeed a strange riddle
difficult to understand even a little.
Without asking you get what you don't want
but you never get what you really want.

If we pray for the good of all
then God grants his goodwill.
Everything is in his hands
He corrects wrong timing and directions. 

Without his consent not a leaf  dare to move  
thinking big we fail to set in order homes or nations. 
Little things we make into issues serious 
Some people even dare to thing they are our masters.

Kalyug is the materialistic era of today
Full of false pride, lies and deceit is mankind today.
Thinking and holding others in contempt
Some thinking God to be their equal in all respect. 

Good thoughts of mankind determines his successful rise
Avoidance of greed and arrogance gives him a meaningful life.
Such persons live their lives as examples for others
such people's destiny comprises nothing but trials after trials. 

renukakkar 16.8.2011


ज़िन्दगी एक अजब पहेली

ज़िन्दगी एक अजब पहेली है I 

जिसको  समझना आती कठिन है II

जो ना चाहें वो बिन मांगे मिलता है I

जो चाहें वो कभी नहीं मिलता है II

सब का भला हम मांगते हैं I

तो सब का भला होता है II 

मालिक के हाथों मे सब कुछ तो है I

सबका बिगड़ा समय वो संवारता हैII

उसकी मर्ज़ी बगैर कोई पत्ता भी नहीं हिलता है I

हमसे तो ना आपना घर ना देश संवर पाता है II  

छोटी बातो को हम गंभीर समस्या बनाते हैं I  

कुछ लोग तो मालिक बनने की जुर्रत करते हैं II 

आज का यह युग कलियुग है I

मानव स्वभाव इस युग में अच्छा नहीं है II

दूसरों को अपने से तुच्छ समझता है I

यह तो कुछ लोगों की सोच बन गई है II 

अच्छें हों मानव के विचार तो जीवन सफल है I  

लोभ और अहंकार से परे रहकर तो जीवन पार है II

ऐसे विचार वाले लोग जीवन में मिसाल बनते हैं I 

मालिक ने उनके लिए केवल कठिनाई का जीवन लिखा है II 

renukakkar 16.8.2011